अजमेर, 15 अक्टूबर। अजमेर जिला परिषद के वार्ड नंबर 12 से कांग्रेस प्रत्याशी हंसराज गुर्जर को केकड़ी पुलिस द्वारा सादा वर्दी में हिरासत में लिए जाने के मामले में अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल और कांग्रेस प्रवक्ता शैलेश गुप्ता ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे विपक्षी प्रत्याशी पर दबाव बनाने की कोशिश बताया और हंसराज गुर्जर को तत्काल रिहा करने की मांग की।
डॉ. राजकुमार जयपाल ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सत्ता के अहंकार में लोकतांत्रिक मर्यादाओं को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव में जनता का विश्वास जीतने के बजाय कांग्रेस प्रत्याशियों को डराने और पुलिस-प्रशासन के माध्यम से दबाव बनाने की कोशिश के आरोप गंभीर हैं। यदि किसी प्रत्याशी को हिरासत में लिया गया है, तो प्रशासन को इसके स्पष्ट कारण सार्वजनिक करने चाहिए। कानून का इस्तेमाल निष्पक्षता से होना चाहिए, न कि राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने के लिए।
निकाय चुनाव के बाद पंचायत चुनाव में भी सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप
डॉ. जयपाल ने कहा कि अजमेर नगर निगम चुनाव के दौरान भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे थे। अब पंचायती राज चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी को हिरासत में लिए जाने की घटना ने एक बार फिर भाजपा सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस और सरकारी मशीनरी के कथित दुरुपयोग से कांग्रेस की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। कांग्रेस लोकतंत्र और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी।
उन्होंने भाजपा से निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि किसी भी राजनीतिक दल के प्रत्याशी को भयभीत करने या चुनाव लड़ने से रोकने की कोशिश स्वीकार्य नहीं है।
नगर निगम चुनाव में भी जनादेश से खिलवाड़ का आरोप
डॉ. जयपाल ने अजमेर नगर निगम चुनाव का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस की महापौर प्रत्याशी किरण गढ़वाल के नामांकन पर अंतिम समय में आपत्ति दर्ज कराने से लेकर महापौर चुनाव के दौरान हुए राजनीतिक घटनाक्रम तक कई सवाल उठे थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने कथित राजनीतिक जोड़तोड़ और खरीद-फरोख्त के जरिए नगर निगम में सत्ता हासिल की। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि निकाय चुनाव के बाद अब पंचायती राज चुनाव में भी सरकारी तंत्र के कथित दुरुपयोग की आशंका लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक है।
निष्पक्ष जांच और रिहाई की मांग
कांग्रेस प्रवक्ता शैलेश गुप्ता ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि विपक्षी प्रत्याशियों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई होती है, तो उनकी स्वतंत्रता और चुनाव लड़ने के अधिकारों की रक्षा कौन करेगा?
गुप्ता ने मांग की कि हंसराज गुर्जर को हिरासत में लेने के कारण सार्वजनिक किए जाएं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि हिरासत का कोई वैधानिक आधार नहीं है, तो उन्हें तत्काल रिहा किया जाना चाहिए। साथ ही, उन्होंने चुनाव आयोग और जिला प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर पंचायती राज चुनाव निष्पक्ष, पारदर्शी और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने की अपील की।
डॉ. जयपाल और शैलेश गुप्ता ने कहा कि लोकतंत्र किसी राजनीतिक दल की निजी जागीर नहीं है और पुलिस-प्रशासन को भी निष्पक्षता से काम करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस प्रत्याशियों को डराने या दबाव में लेने के किसी भी प्रयास का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा।
नोट: यह समाचार कांग्रेस नेताओं के बयानों और आरोपों पर आधारित है। हिरासत के कारणों, पुलिस का पक्ष और मामले की आधिकारिक स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि होने के बाद समाचार को और तथ्यपरक बनाया जा सकता है।



