Rajasthan: महिला आरक्षण पर CM भजनलाल शर्मा का विपक्ष पर बड़ा हमला, नारी शक्ति के अपमान का लगाया आरोप

Womens Reservation Bill: सीएम भजनलाल शर्मा ने महिला आरक्षण को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए इसे नारी शक्ति के सम्मान से जोड़ दिया है. उन्होंने कांग्रेस समेत कई दलों पर आरोप लगाया.
महिला आरक्षण को लेकर देश की राजनीति फिर गरमा गई है. राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल देशहित की हर योजना का विरोध करते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण जैसे ऐतिहासिक कदम को भी राजनीति की भेंट चढ़ा दिया गया है.
सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण से विपक्ष की सोच घबरा गई है. उनके मुताबिक, विपक्ष ने मातृशक्ति के सम्मान के साथ खिलवाड़ किया है और अब देश की महिलाएं इसे भूलने वाली नहीं हैं. उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष पहले भी सेना का अपमान कर चुका है और देशहित इनके एजेंडे में नहीं है.
ममता बनर्जी और विपक्षी दलों पर निशाना
सीएम ने ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी और अन्य दलों पर सीधा हमला करते हुए कहा कि ये दल परिवारवाद और स्वार्थ की राजनीति करते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि “ऑपरेशन सिंदूर” जैसे मुद्दों पर भी विपक्ष ने देश को शर्मिंदा करने की कोशिश की.
‘नारी शक्ति अपमान नहीं भूलेगी’
भजनलाल शर्मा ने कहा कि मां-बहनों के सम्मान से खिलवाड़ करने वालों को जवाब जरूर मिलेगा. उनका कहना है कि अब नारी शक्ति जाग चुकी है और समय आने पर विपक्ष को मुंहतोड़ जवाब देगी. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “नारी शक्ति” विजन का समर्थन करते हुए कहा कि विकसित भारत की असली ताकत महिला नेतृत्व है.
केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने भी महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष की आलोचना की. उन्होंने कहा कि भारत में नारी शक्ति को हमेशा पूजनीय माना गया है और महिलाएं देश की आधी आबादी हैं.
सावित्री ठाकुर ने बताया कि मुद्रा योजना में करीब 70 प्रतिशत तक महिलाओं को लाभ मिला है. इसके अलावा कई सरकारी योजनाओं में 90 प्रतिशत तक महिलाओं की भागीदारी देखने को मिली है. उन्होंने कहा कि पहले भी महिलाओं में राजनीति में भागीदारी को लेकर उत्साह था, लेकिन विपक्ष ने उनकी उम्मीदों को तोड़ दिया.
विपक्ष की भाषा पर भी सवाल
उन्होंने विपक्ष के नेताओं की भाषा पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को “जादूगर” कहना लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ है. उनके मुताबिक, अमित शाह और प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष को समझाने की कोशिश की, लेकिन विपक्ष ने इसे गंभीरता से नहीं लिया.
परिसीमन को बताया जरूरी
सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि महिला आरक्षण लागू करने के लिए परिसीमन जरूरी है और यह एक प्रक्रिया का हिस्सा है. इससे किसी का नुकसान नहीं होगा, बल्कि व्यवस्था और मजबूत होगी.
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि सरकार नारी शक्ति को उसका अधिकार दिलाकर ही रहेगी. उनका कहना है कि चाहे जितनी बाधाएं आएं, सरकार पीछे हटने वाली नहीं है.
महिला आरक्षण पर बयानबाज़ी से साफ है कि आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीति के केंद्र में रहेगा. एक तरफ सरकार इसे नारी सम्मान से जोड़ रही है, तो वहीं विपक्ष पर इसे रोकने के आरोप लगाए जा रहे हैं. अब देखना होगा कि यह सियासी लड़ाई आगे किस दिशा में जाती है.
