कायलाना झील में कूदकर युवती ने की आत्महत्या की कोशिश, पुलिस और गोताखोरों ने पेश की मानवता की मिसाल

जोधपुर। शहर की प्रसिद्ध कायलाना झील पर आज उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवती ने अचानक झील के गहरे पानी में छलांग लगाकर जान देने की कोशिश की। हालांकि, मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों और गोताखोरों की तत्परता से एक बड़ी अनहोनी टल गई और युवती को सुरक्षित बचा लिया गया।
महिला पुलिसकर्मियों ने दिखाई मुस्तैदी
घटना के समय कालिका यूनिट 7/8 की महिला पुलिसकर्मी रूपा (735), सुगर (1162), संगीता (2904) और अनु (1195) वहां तैनात थीं। जैसे ही युवती के पानी में डूबने और चिल्लाने की आवाज आई, महिला पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए पास ही मौजूद गोताखोरों को आवाज लगाई।
रेस्क्यू ऑपरेशन और सीपीआर से बची जान
पुलिस की पुकार सुनकर गोताखोर भरत चौधरी, मदन सिंह, भागीरथ, लक्ष्मण, नारायण और वेलाराम तुरंत हरकत में आए। युवती तट से काफी दूर डूब रही थी, जिसे देखते हुए गोताखोरों ने स्पीड बोट का सहारा लिया। गोताखोर भरत चौधरी और मदन सिंह ने पानी में छलांग लगाई और कड़ी मशक्कत के बाद युवती को बाहर निकाला। बाहर लाने पर कालिका यूनिट के स्टाफ ने युवती को तुरंत ‘सीपीआर’ (CPR) दिया, जिससे वह होश में आ गई। गोताखोर भरत ने तत्काल राजीव गांधी नगर थानाधिकारी (SHO) रवींद्रपाल सिंह को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही थानाधिकारी ने युवती के स्वास्थ्य की जानकारी ली और स्वयं मौके पर पहुंचे। महज 5 मिनट के भीतर पुलिस की गाड़ी मौके पर पहुंची और युवती को मथुरादास माथुर (MDM) अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसे भर्ती कर उपचार शुरू किया गया।

टॉर्चर से परेशान थी युवती
अस्पताल में होश आने के बाद जब युवती से इस आत्मघाती कदम का कारण पूछा गया, तो युवती ने पुलिस को दिए अपने बयान में अपना नाम भूमिका गुप्ता पुत्री नंदकिशोर निवासी रेलवे क्रॉसिंग, आखलिया सर्किल बताया, उसने बताया कि उसकी कॉलेज में पढ़ने वाला एक लड़का जो कि उसे पिछले काफी दिनों से मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है था,युवती के लाख समझाने पर भी वह अपनी हरकतों से बाज़ नहीं आ रहा था जिसके चलते उसने मौत को गले लगाने का फैसला किया था। फिलहाल पुलिस ने युवती के बयान दर्ज कर लिए हैं और आरोपी युवक के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। पुलिस प्रशासन ने गोताखोरों और महिला पुलिसकर्मियों के इस साहसिक कार्य की सराहना की है।
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