गजसिंहपुर (संजय बिश्नोई)। गजसिंहपुर थाना क्षेत्र में यातायात नियमों के पालन को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर शिकायत है कि पिछले करीब 7-8 महीनों से सड़कों पर बिना रजिस्ट्रेशन नंबर प्रदर्शित किए स्कूली वैनें दौड़ रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। सवाल यह है कि यदि किसी बिना नंबर वाली स्कूली वैन के साथ कोई अनहोनी घटना घट जाए तो उसकी पहचान कैसे होगी? वाहन किस स्कूल से संबंधित है, उसका रजिस्ट्रेशन नंबर क्या है और उसका मालिक कौन है? बच्चों की सुरक्षा से जुड़े इन गंभीर सवालों का जवाब आखिर कौन देगा एक तरफ किसी गरीब मजदूर की मोटरसाइकिल पर आगे नंबर प्लेट नहीं होने पर चालान अथवा नियमानुसार वाहन जब्ती जैसी कार्रवाई की जाती है, वहीं दूसरी ओर बिना नंबर प्रदर्शित किए स्कूली बच्चों को लेकर सड़कों पर दौड़ने वाली वैनों पर कार्रवाई नहीं होने की शिकायत सामने आ रही है। क्या यातायात नियम केवल गरीब और आम आदमी के लिए ही बने हैं? क्या स्कूली वाहनों के लिए अलग नियम हैं स्कूली वाहनों में प्रतिदिन मासूम बच्चे सफर करते हैं। ऐसे में वाहनों का रजिस्ट्रेशन, फिटनेस, परमिट, बीमा और चालक के दस्तावेजों की जांच बेहद जरूरी है। गजसिंहपुर पुलिस और परिवहन विभाग को चाहिए कि क्षेत्र में संचालित सभी स्कूली वैनों का विशेष जांच अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करें। सबसे बड़ा सवाल—क्या गजसिंहपुर पुलिस किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रही है या मासूम बच्चों की सुरक्षा के लिए समय रहते कदम उठाएगी कानून का पालन सभी के लिए समान होना चाहिए, चाहे वह गरीब मजदूर की मोटरसाइकिल हो या किसी निजी स्कूल से जुड़ी वैन।




