
अजमेर। आगामी सरपंच चुनाव को लेकर गांवों में चुनावी माहौल धीरे-धीरे गर्माने लगा है। संभावित दावेदारों ने ग्रामीणों से मुलाकात और जनसंपर्क का सिलसिला तेज कर दिया है। गांव की गलियों और चौपालों पर अब चुनावी चर्चाएं सुनाई देने लगी हैं।
दावेदार अपने-अपने स्तर पर ग्रामीणों को साधने और अपने पक्ष में समर्थन जुटाने में लगे हैं। कोई विकास के वादे कर रहा है तो कोई गांव की समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाकर लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश कर रहा है। ग्रामीणों से व्यक्तिगत मुलाकातों का दौर भी लगातार बढ़ रहा है।
जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आएगी, राजनीतिक सरगर्मियां और तेज होने की संभावना है। फिलहाल गांवों में कौन किसके साथ खड़ा है, इसका सही अंदाजा लगाना मुश्किल है। अब आने वाला चुनाव ही तय करेगा कि जीत का सेहरा किसके सिर बंधेगा और हार किसके हिस्से आएगी।
20 नवंबर को होने वाले मतदान के बाद चुनावी तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी और सामने आ जाएगा कि ग्रामीणों ने किसे अपना सरपंच चुनने का जनादेश दिया है।



