राष्ट्रीय पंचायतीराज दिवस पर उत्कृष्ट सरपंचों का सम्मान, गांवों के सशक्तिकरण से ही लोकतंत्र की नींव मजबूत—जिला प्रमुख
ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 10 सरपंच हुए सम्मानित

रिपोर्ट : भींयाराम प्रजापत
जोधपुर, 24 अप्रैल। राष्ट्रीय पंचायतीराज दिवस 2026 के अवसर पर शुक्रवार को जिला परिषद स्थित राजीव गांधी सेवा केन्द्र भवन में आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग तथा महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले 10 महिला एवं पुरुष सरपंचों को जिला प्रमुख लीला मदेरणा द्वारा मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया।
पंचायतीराज से सशक्त हो रहा ग्रामीण भारत
जिला प्रमुख लीला मदेरणा ने अपने उद्बोधन में कहा कि पंचायतीराज व्यवस्था पारदर्शिता, जवाबदेही एवं जनभागीदारी को सुदृढ़ करती है। इसके माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, सड़क एवं पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का विकास गांवों से ही प्रारंभ होता है। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर विकास एवं लोकतंत्र की मजबूत नींव रखने वाले सरपंचों का सम्मान करना हम सभी का दायित्व है।
ग्रामीण विकास की प्राथमिकता—गांवों से शुरुआत
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार मिश्रा ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुरूप पंचायतीराज व्यवस्था की आधारशिला गांवों में ही रखी गई है। उन्होंने ग्रामीण विकास की प्राथमिकता गांवों से प्रारंभ होने पर बल देते हुए सरपंचों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
विभिन्न योजनाओं में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरपंच सम्मानित
कार्यक्रम में जिला स्वच्छता मिशन, महात्मा गांधी नरेगा योजना, राज्य एवं केंद्रीय वित्त आयोग, सांसद एवं विधायक क्षेत्रीय योजनाओं के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरपंचों को सम्मानित किया गया। इनमें ग्राम पंचायत झंवर (धवा) के भंवरलाल, चावण्डा (केरू) की अमराव कंवर, सोईन्तरा (शेरगढ़) के गोविन्द सिंह, मेलबा (धवा) के जगदीश पटेल, बावड़ी क्षेत्र की भंवरी देवी, शिवनगर (तिंवरी) के पुरखाराम, जाटी भाण्डू (बालेसर) की मूमल, ओसियां क्षेत्र की संतोष कंवर, बालरवा (तिंवरी) की अंजू परिहार एवं गारासनी (भोपालगढ़) के रामदयाल को मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया।
विकास कार्यों में नवाचार एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर बल
सम्मानित सरपंचों द्वारा स्वच्छता, पौधारोपण, नरेगा कार्यों, वित्त आयोग योजनाओं तथा आधारभूत संरचना विकास जैसे टीन शेड, स्टैंड एवं चारदीवारी निर्माण में उल्लेखनीय योगदान दिया गया, जिससे ग्राम स्तर पर विकास को नई दिशा मिली है।
गरिमामयी उपस्थिति एवं सफल आयोजन
इस अवसर पर जिला परिषद की अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी लम लखारा, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (ग्रामीण) गणपतलाल सुथार, सहायक अभियंता नरेगा संजय गुप्ता सहित जिला परिषद के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अतिरिक्त विकास अधिकारी महेन्द्र सिंह राजपुरोहित एवं जिला आईईसी समन्वयक बोराराम गुर्जर द्वारा किया गया।




